नशा आज के समय में एक बुरी लत है जो आज कल हमें हर जगह देखने को मि ल रहा है हम छोटे गांव या बड़े शहर से हो हमें हर जगह यह देखने को मि ल रहा है नशा करने वाली चीजे आज के समय में सबसे ज्यादा उपयोग हो रही है क्योकि कु छ लोग इसको अपनी लत बना चुके है नशे के बि ना उनका रहना मुश्क़ि ल होता जा रहा है और यह एक ऐसी बि मारी है जि समें ना एक
व्यक्ति यहाँ तक की उनका पुरा परि वार तबाह हो जाता है नशे से होने वाले दष्ु परि णामों की झलक अपने आस-पास के छोटे गाँव और बड़े शहरों में भी देखने को मि ल रहा है ऐसी कोई भी जगह नहींजो इससे बची हो स्कू ल-कॉलेज, दफ्तर या बाजार हो हर जगह नशे से पीड़ि त व्यक्ति देखने को मि ल रहे है नशा सर्वप्रथम सेहत के लि ये हानि कारक होता है और नशा करने वाली
चीजों से पैसों की बर्बा दी भी होती है कु छ लोग सोचते है की नशा मुक्ति केंदर् में मरीजों को कै से रखा जाता है आज के समय में कु छ लोगो को ये नहींपता होता है की नशा मुक्ति केंदर् में मरीजों को कै से रखा जाता है तो आइये आज हम उन्हें बताते है की नशा मुक्ति केंदर् में मरीजों को कै से रखा जाता है

आइये जानते हैं, नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों को कैसे रखा जाता है
नशा मुक्ति केंदर् में नशे से पीड़ि त मरीज को एडमि ट कि या जाता है और मरीज के परि वार से मरीज के कु छ दस्तावजे (Documents) लेते है और मरीज को डेटॉक्स (Detox) के लि ए 20 से 25 दि न के लि ए बेड रेस्ट पे रखा जाता है जब मरीज का शारीरि क और मानसि क रूप सुधार होने लगता है और मरीज को भी अच्छा महसूस होने लगता है की मै अब ठीक हो रहा हू
ँ तो केंदर् में मरीज को सामान्य रुटीन में लाया जाता है नशा मुक्ति केंदर् में मनोचि कि त्सक (Psychiatrist) से परामर्श और काउंसलि ंग कि या जाता है मरीज जब पूरी तरह रूटीन में
आ जाता है तब केंदर् के मनोचि कि त्सक (Psychiatrist) नशा मुक्ति केंदर् में मरीज का आकलन (assessment) करते हैं। कु छ मरीजों की समस्या ज्यादा होती है उनके लि ये दवाईयां लि खी जाती हैं जो समय के अनुसार स्टाफ के कर्मचारि यों द्वारा मरीज को दी जाती हैं। नशा मुक्ति केंदर् के काउंसलर रोज व्यक्ति गत (Personal) क्लासेज लेते हैं नशा मुक्ति केंदर्
में मरीजों का आकलन करते हैं। नशा मुक्ति केंदर् ों में मनोचि कि त्सक (Psychiatrist) और काउंसलर समस्याओंको सुलझाते है और मरीज को अपनी तरफ प्रेरक और प्रेरणादायक (Motivational & Inspirational) करते है नशा मुक्ति केंदर् में मरीज का जब डि टॉक्स पूरा होता है फि र मरीज का भोजन (food diet) सही होने लगता है तब मरीज को सुबह 5 से 6 बजे तक योगा (Yoga) की क्लॉस दी जाती है

नशा मुक्ति केंदर् में मरीज को पहले सुबह में स्टाफ द्वारा चाय वि तरण (distribution) कि या जाता है उसके बाद नशा मुक्ति केंदर् में मरीजों को सुबह में 7 से 8 के बीच स्टाफ द्वारा नशा मुक्ति केंदर् में नाश्ता वि तरण (distribution) कि या जाता है नशा मुक्ति केंदर् में मरीजों के लि ए रोज सुबह में 1 घटं े की प्रेरक और प्रेरणादायक (Motivational & Inspirational) की क्लॉस दी जाती है और मरीज को धीरे-धीरे स्टाफ की मदद से नशा मुक्ति केंदर् में सामान्य रूटीन में लाया जाता है नशा मुक्ति केंदर् में मरीज को 12 बजे से 1 बजे तक खाना वि तरण (distribution) कि या जाता है खाना वि तरण (distribution) के बाद मरीजों को 30 मि नट का रेस्ट कि या जाता है उसके के बाद मरीजों को दवाइयां वि तरण (distribution) स्टाफ के कर्मचारि यों द्वारा कि या जाता है नशा मुक्ति केंदर् में मरीजों को 2 से 4 बजे तक रेस्ट का
समय दि या जाता है और 4 से 4:30 तक चाय, स्नक्ै स (Snacks) वि तरण (distribution) नशा मुक्ति केंदर् के कर्मचारि यों द्वारा कि या जाता है नशा मुक्ति केंदर् में मरीजों से शेयरि गं क्लास (sharing class) में उनके बीते हएु दि न के बारे में पूछा जाता है की आप नशे की ओर कि स तरह आये आपने नशा कि या फि र क्या हआु और आप गालि यां देने लगे और आप अपने परि वार से भी दरू हो गए और मरीजों से उनके नशे की कहानी पूछी जाती है नशा मुक्ति केंदर् में शेयरि गं क्लास (sharing class) के बाद 30 मि नट का रेस्ट भी मरीजों को दि या जाता है

नशा मुक्ति केंदर् में मरीजो को 5:30 से 6:30 बजे तक सबको अपने धर्म के अनुसार अपने ईश्वर की पूजा करने के लि ए हरधर्म के लोगो को अलग-अलग जगह दी जाती है अगर मुस्लि म धर्म से होते है तो वह 5 वक़् त की नमाज़ पढ़ते है और अगर हि न्दू धर्म से होते है तो वो श्लोक और भजन पढ़ते है कोई भी कि सी धर्म से हो उसको अपने ईश्वर की पूजा करने के लि ए जगह
दी जाती है और उसको स्टाफ के कर्मचारि यों द्वारा नशा मुक्ति केंदर् में मरीजो को सामान्य रुटीन में लाया जाता है नशा मुक्ति केंदर् में मरीजों के लि ए गेम्स (Games) की व्यवस्था भी उपलब्ध है और जब मरीज शारीरि क और मानसि क रूप से मजबूत (physically & mentally strong) हो जाता है तो उनको बाहर (outdoor) गेम्स (games) के लि ए भी
ले जाया जाता है

नशा मुक्ति केंदर् में मरीज के घर वालों के साथ पर्सनल काउंसलि ंग भी केंदर् द्वारा मरीज और उसके घर के सदस्य से फे स टू फे स बात भी करता है और कु छ बाते मरीज अपने घर वालो से बताना चाहता है कि वह अब नशे से मुक्त हो गया है और नशा
मुक्ति केंदर् में आने से उसके अंदर कि तना बदलाव आया है नशा मुक्ति केंदर् ों में मरीजो को कै से रखा जाता है और यह कोर्स कि तने दि न का होता है इस कोर्स के बारे में कु छ लोगो को
पता होता है कु छ लोगो को नहींभी पता होता है आज हम आपको बताते है की नशा मुक्ति केंदर् में यह कोर्स 3 – 6 महीने का होता है और जो भी लोग नशे की लत में होते है उनका नशा 3 – 6 महीने में छुड़वा दि या जाता है और उस मरीज को 3 – 6 महीने बाद नशा मुक्ति से मुक्त (release) कि या जाता है और वह मरीज अब फि र से सामान्य जीवन में वापि स लौट जाता हैं नशा मुक्ति केंदर् में हर महीने सरकारी कर्मचारी आते है नशा मुक्ति केंदर् में हर महीने कांसेल्लि ंग / थेरेपी का प्रोग्राम होता है जि सके मुख्या अति थि एक सरकारी कर्मचारी जैसे की मजि स्ट्रेट, पुलि स अफसर, या कोई बड़े नते ा होते है

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